स्वाइन फ़्लू रोकने के आयुर्वेदिक इलाज:

हम सभी जानते है कि स्वाइन फ़्लू बहुत खतरनाक बिमारी है, जो सुअरो से फ़ैलती है और इसे रोका जाना आवश्यक है। यह सान्स से जुडी हुई बीमारी है, जो ए टाइप इनफ्लुएञ्जा वायरस से होती है। यह वायरस H1N1 के नाम से जाना जाता है और मौसमी फ़्लू मे भी यह वायरस सक्रिय रहता है। 2009 मे जो स्वाइन फ़्लू हुआ था, उसके मुकाबले इस बार का स्वाइन फ़्लू कम पावरफुल है, हालाकि उसके वायरस ने इस बार स्ट्रेन बदल गया है यानी पिछली बार के वायरस से इस बार का वायरस अलग है।
स्वाइन फ़्लू रोकने के आयुर्वेदिक इलाज के बारे मे जानिए और इसे फ़ैलने से रोकिए और जनिए यह क्यो होता है।

कैसे फ़ैलता है यह:-
                                   जब हम खान्सते या छीकते है तो हवा मे या जमीन पर या जिस भी सतह पर थुक या मुन्ह और नाक से निकले द्रव कण गिरते है, वह वायरस की चपेट मे  आ जाता है। यह कण हवा के द्वारा या किसी के छुने से दुसरे व्यक्ति के शरीर मे मुन्ह या नाक के जरिए प्रवेश कर जाते है। मसलन, दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कण्ट्रोल के जरिए भी यह वायरस फ़ैल सकते है, अगर इन चीजो क इस्तेमाल किसी सक्रमित व्यक्ति ने किया हो।

स्वाइन फ़्लू रोकने के आयुर्वेदिक इलाज:-  
नोट:- इनमे से एक समय मे एक ही उपाय आजमाए।
स्वाइन फ़्लू रोकने के आयुर्वेदिक इलाज के बारे मे जानिए और इसे फ़ैलने से रोकिए और जनिए यह क्यो होता है।
- 4-5 तुलसी के पत्ते, 5 ग्राम अदरक, चुटकि भर काली मिर्च पाउडर और इतनी ही हल्दी को एक कप पानी या चाय मे उबालकर दिन मे दो-तीन बार पिए।

- गिलोय(अम्रता) बेल की डण्डी को पानी मे उबाल या छानकर पिए।

- 5-6 पत्ते तुलसी और काली मिर्च के दो-तीन दाने पीसकर चाय मे डालकर दिन मे दो-तीन बार पिए।

- गिलोय सत्व दो रत्ती यानी चौथाई ग्राम पौना गिलास पानी के साथ ले।

- आधा चम्मच हल्दी पौना गिलास दुध मे उबालकर पिए। आधा चम्मच हल्दी गरम पानी या शहद मे मिलाकर भी लिया जा सकता है।

- आधा चम्मच आन्वला पाउडर को आधा कप पानी मे मिलाकर दिन मे दो बार पिए। इससे रोग प्रतिरोधकता अधिक होती है।

स्वाइन फ़्लू रोकने के आयुर्वेदिक इलाज: स्वाइन फ़्लू रोकने के आयुर्वेदिक इलाज: Reviewed by we are with you on January 09, 2019 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.