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Thursday, January 3, 2019

इस आयुर्वेदिक इलाज से मैने कि अपनी डायबिटीज जड से खत्म:With this Ayurvedic treatment, I conclude that my diabetes ends with heavy:

डायबिटीज का आयुर्वेदिक इलाज:-
                                                         आज के जमाने के शुगर या मधुमेह को सभी पिडीत व्यक्ति जड से ख्त्म करना चाहते है। मधुमेह एक खतरनाक बिमारी है। मधुमेह से हमारे शरीर मे शुगर की मात्रा मे अधिकता हो जाती है और हमार शरीर इन्सुलिन का स्त्राव नही करता। इससे रक्त ग्लुकोज स्तर अधिक मिलता है, यह रोग मरिजो के (रक्त मे गन्दा कोलेस्ट्रोल,) के अवयव के अधिक होने से होता है।
डायबिटीज को जड से खत्म करने का आयुर्वेदिक इलाज,इस आयुर्वेदिक इलाज से मैने कि अपनी डायबिटीज जड से खत्म,:With this Ayurvedic treatment, I conclude that my diabetes ends with heavy:, आयुर्वेद में शुगर की बीमारी को मधुमेह कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार मधुमेह मुख्य रूप से तब होता है जब शक्कर, फैट, चावल, आलू, डेयरी उत्पाद आदि के उच्च सेवन के कारण कफ दोष बढ़ जाता है।
भोजन हमारे पेट मे जाकर एक प्रकार के ईन्धन मे बदलता है, जिसे ग्लुकोज कहते है।यह एक प्रकार कि शर्करा होति है। ग्लुकोज हमारे शरीर के रक्त धारा मे मिलता है और लाखो कोशिकाओ मे भेजता है।

                         आयुर्वेद में शुगर की बीमारी को मधुमेह कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार मधुमेह मुख्य रूप से तब होता है जब शक्कर, फैट, चावल, आलू, डेयरी उत्पाद आदि के उच्च सेवन के कारण कफ दोष बढ़ जाता है।  मधुमेह बीमारी का असली कारण जब तक आप लोग नही समझोगे तब तक आपकी बीमरी खत्म नही हो सकती। जब हमारे खून मे वसा LDL की मात्रा अधिक हो जाती है तब रक्त मे मौजूद कोलेस्ट्रोल हमारी शरीर की कोशिकाओ के चारो तरफ चिपक जाता है।


डायबिटीज को जड से खत्म करने का आयुर्वेदिक इलाज,इस आयुर्वेदिक इलाज से मैने कि अपनी डायबिटीज जड से खत्म,:With this Ayurvedic treatment, I conclude that my diabetes ends with heavy:, आयुर्वेद में शुगर की बीमारी को मधुमेह कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार मधुमेह मुख्य रूप से तब होता है जब शक्कर, फैट, चावल, आलू, डेयरी उत्पाद आदि के उच्च सेवन के कारण कफ दोष बढ़ जाता है।आयुर्वेदिक इलाज:-
                                 सबसे पहले 100 ग्राम(मेथी का दाना) ले ले और इसे धुप मे सुखाकर इसका पाउडर बना ले।
फ़िर 100 ग्राम (तेज पत्ता) ले ले इसे भी धुप मे सुखा कर इसका पाउडर बना ले।
बाद मे 150 ग्राम (बेलपत्र के पत्ते) ले ले और इसे भी धुप मे सुखा कर इसका पाउडर बना ले।
बाद मे
 मेथी का दाना-- 100 ग्राम
तेज पत्ता-- 100 ग्राम
जामुन की गुटली-- 150 ग्राम
बेलपत्र के पत्ते-- 250 ग्राम
इन सबका पाउडर बनाकर इन सबको आपस मे मे मिला दे। बस दवा तैयार।
इसे सुबह-शाम (खाली पेट) 1 चम्मच खाना खाने से आधा घण्टा पहले गरम पानी के साथ लेवे।
दो से तीन महीने लगातार इसका सेवन करने से मधुमेह कि बीमारी जड से खत्म हो जायेगी।

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